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बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहेलà¥à¤¦à¥€ डाइट बेहद जरूरी है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के विकास के लिठउमà¥à¤° के हिसाब से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना खिलाना चाहिà¤à¥¤ शारीरिक और मानसिक विकास के लिठ6 महीने के बाद बेबी को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार देना शà¥à¤°à¥‚ कर देना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ का कहना है कि 6 महीने बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मां के दूध के अलावा खाना खिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर देना चाहिà¤à¥¤ इससे बचà¥à¤šà¥‡ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ती है। à¤à¤¸à¥‡ में नई मां को पता होना चाहिठकि आखिर à¤à¤• साल के बचà¥à¤šà¥‡ को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार में कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं।
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिठहमने फैट टू सà¥à¤²à¤¿à¤® गà¥à¤°à¥à¤ª की सेलिबà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ इंटरनेशनल डायटीशियन और नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ शिखा अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² शरà¥à¤®à¤¾ से बात की और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया है कि जब बेबी 8 से 9 महीने का होता है इस समय केवल मदर फीड से उनका पेट नहीं à¤à¤°à¤¤à¤¾ है। à¤à¤¸à¥‡ में आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना खिलाना शà¥à¤°à¥‚ करें। अगर आप à¤à¥€ अपने 1 साल के बचà¥à¤šà¥‡ के खानपान को लेकर परेशान हैं, तो आइठजानते हैं आपके बेबी के लिठहेलà¥à¤¦à¥€ डाइट चारà¥à¤Ÿà¥¤
वेजिटेबल खिचड़ी
6 महीने बाद बचà¥à¤šà¥‡ किसी à¤à¥€ खाने को चबा नहीं सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप उनके लिठसॉफà¥à¤Ÿ और मैश खाना बनाà¤à¤‚। à¤à¤• साल के बेबी को आप वेजिटेबल खिचड़ी खिला सकते हैं। इसे बचà¥à¤šà¤¾ आसानी से निगल सकता है। साथ ही यह बेहद हेलà¥à¤¦à¥€ होता है। खिचड़ी में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन और खनिज पाया जाता है जो कि बचà¥à¤šà¥‡ की विकास के लिठफायदेमंद होता है।
आलू का मैश
à¤à¤• साल के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआलू का मैश बेहद पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है। इसे बचà¥à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ आसानी से खा लेते हैं। आलू में पोटेशियम और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ पाया जाता है, जो कि बेबी के विकास के लिठबहà¥à¤¤ ही अचà¥à¤›à¤¾ होता है। आलू मैश को बनाने के लिठआलू को उबाल लें। इसके बाद उसे अचà¥à¤›à¥‡ से मिकà¥à¤¸ कर लें। इसे बेबी को खिलाà¤à¤‚।
à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² पाई
अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठसेब का सेवन करना काफी अचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। à¤à¤• साल के बचà¥à¤šà¥‡ को आप सीधा सेब खाने को नहीं दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप उनकी डाइट को सेब को शामिल करने के लिठà¤à¤ªà¥à¤ªà¤² पाई बना सकती हैं। इसके बनाने के लिठà¤à¤• सेब लें। इसे छीलकर कदà¥à¤¦à¥‚कस कर लें। अब à¤à¤• पैन में दूध गरà¥à¤® कर लें। इसके बाद इसमें चीनी और कदà¥à¤¦à¥‚कचावल, दाल और देसी घी
à¤à¤• साल तक के बचà¥à¤šà¥‡ को आप दाल और चावल जरूर खिलाà¤à¤‚। दाल सेहत के लिठबेहद फायदेमंद होता है। दाल, चावल को खिलाने के लिठचावल और दाल को पका लें। इसके बाद दाल और चावल में देसी घी डालकर अचà¥à¤›à¥‡ से मैश कर लें। अब इसे अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚। देसी घी बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत के लिठबेहद अचà¥à¤›à¤¾ होता है। स सेब डालकर इसे अचà¥à¤›à¥‡ से उबाल लें। जब à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² पाई ठंडा हो जाà¤, तो बेबी को खिलाà¤à¤‚।
दूध
6 महीने के बाद केवल मां के दूध से बचà¥à¤šà¥‡ का पेट नहीं à¤à¤°à¤¤à¤¾ है। à¤à¤¸à¥‡ में आप बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर का दूध देना शà¥à¤°à¥‚ करें। अचà¥à¤›à¥€ सेहत के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को केवल पà¥à¤²à¥‡à¤¨ दूध दें।
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